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    हाउस टैक्स – स्व-मूल्यांकन प्रणाली

    परिचय

    उत्तर प्रदेश की नगरपालिकाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करने हेतु 74वें संविधान संशोधन और उत्तर प्रदेश नगर निगम (संपत्ति कर) नियम, 2000 के अंतर्गत स्व-मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है। यह प्रणाली कर निर्धारण में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करती है।

    स्व-मूल्यांकन प्रणाली की मुख्य विशेषताएं

    • नागरिक अपनी संपत्ति का मूल्यांकन साइट मैप और निर्माण विवरण के आधार पर स्वयं कर सकते हैं।
    • मानक सरकारी फॉर्म ऑनलाइन और नगर पंचायत कार्यालय में उपलब्ध हैं।
    • जहां नक्शे या विवरण नहीं हैं, वहां नगर कर अधिकारी मूल्यांकन करते हैं।
    • यह प्रणाली तार्किक, निष्पक्ष और सभी प्रकार की संपत्तियों के लिए समान कर संग्रह सुनिश्चित करती है।

    उद्देश्य

    • संपत्ति के आकार, उपयोग और भवन संरचना के आधार पर कर निर्धारण करना।
    • शहरों में कर मूल्यांकन प्रक्रिया को आधुनिक एवं सरल बनाना।
    • झूठे घोषणापत्र या जानबूझकर कम मूल्यांकन के मामलों में सख्त कार्रवाई।
    • मैनुअल/कागजी प्रक्रिया की तुलना में कम समय में कार्य संपादन।
    • पूरे राज्य में समान और नागरिकों के अनुकूल कर प्रणाली लागू करना।

    जन संचार

    नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग्स और सार्वजनिक सूचनाएं लगाई जा रही हैं। पकरडी भारत खंड की नगर पंचायत द्वारा स्थापित पोर्टलों और हेल्पडेस्क के माध्यम से नागरिकों को स्व-मूल्यांकन प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।